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Thursday, June 14, 2012

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                मधुमेह                    


 सामान्य लक्षण
मधुमेह होने के लक्षण रोगी को स्वयं अनुभव होते हैं। इनमें बार-बार पेशाब  आते रहना (रात के समय भी), त्वचा कई में खुजली होना, धुंधला दिखना थकान कमजोरी महसूस करना, पैरों का सुन्न होना,  अधिक लगना, कटान/घाव भरने में समय लगना, हमेशा भूख महसूस करना, वजन कम होना और त्वचा में संक्रमण होना आदि प्रमुख हैं। उपरोक्त लक्षणों के साथ-साथ यदि त्वचा का रंग, कांति या मोटाई में परिवर्तन दिखे, कोई चोट या फफोले ठीक होने मं सामान्य से अधिक समय लगे, कीटाणु संक्रमण के प्रारंभिक चिह्न जैसे कि लालीपन, सूजन, फोड़ा या  बगलों या स्तनों के नीचे तथा अंगुलियों के बीच खुजलाहट हो, जिससे  संक्रमण की संभावना का संकेत मिलता है या कोई न भरने वाला घाव हो तो रोगी को चाहिये कि चिकित्सक से शीघ्र संपर्क करे।

मधुमेह रोग जटिलताओं में भरा है। सालों साल यदि रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ा रहे तो प्रत्येक अंग की छोटी रक्त नलिकाएं नष्ट हो जाती हैं जिसे माइक्रो एंजियोपैथी कहा जाता है। तंत्रिकातंत्र की खराबी ‘न्यूरोपैथी, गुर्दों की खराबी ‘नेफरोपैथी’ व नेत्रों की खराबी ‘रेटीनोपैथी’ कहलाती है। इसके अलावा हृदय रोगों का आक्रमण होते भी देर नहीं लगती
मधुमेह के प्रकार-------------------------------------------------
डायबिटीज मेलाइट्स ----
1. इंसुलिन, आश्रित मधुमेह- टाइप–।
2. इंसुलिन अनाश्रित मधुमेह- टाइप–॥
3.  जनित मधुमेह
4. इंपेयर्ड ग्लूकोज टोलरेंस
5. जैस्टेशनल डायबिटीज
6. सैकेंडरी डायबिटीज
मधुमेह होने के कारण पैदा होने वाली जटिलताओं की रोकथाम के लिए नियमित आहार, व्यायाम, व्यक्तिगत स्वास्थ्य, सफाई और संभावित इनसुलिन इंजेक्शन अथवा खाने वाली दवाइयों (डॉक्टर के सुझाव के अनुसार) का सेवन आदि कुछ तरीके हैं।

मधुमेह रोगियों को अपने शरीर की स्वयं देखभाल करनी चाहिये। उन्हें चाहिये कि हल्के साबुन या हल्के गरम पानी से नियमित स्नान करें। अधिक गर्म पानी से न नहाएं और नहाने के बाद शरीर को भली प्रकार पोछें तथा त्वचा की सिलवटों वाले स्थान पर विशेष ध्यान दें। वहां पर अधिक नमी जमा होने की संभावना होती है।
 जैसा कि बगलों, उरुमूल तथा उंगलियों के बीच। इन जगहों पर अधिक नमी से फफूंदी संक्रमण की अधिकाधिक संभावना होती है। त्वचा सूखी न होने दें। जब आप सूखी, खुजलीदार त्वचा को रगड़ते हैं तो आप कीटाणुओं के लिए द्वार खोल देते हैं। पर्याप्त तरल पदार्थों को लें जिससे कि त्वचा पानीदार बनी रहे।




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